Structural Unemployment In Hindi Now

बाबूराम ने महसूस किया कि उसकी करघे की कला अब "डायनासोर" बन चुकी है - खूबसूरत, पर विलुप्त होती।

यह कहानी है एक छोटे से कस्बे "कोल्हापुरी गेट" की, जो कभी हथकरघा बुनकरों के लिए मशहूर था। यहाँ के लगभग हर घर में करघा था। बाबूराम अपने पिता और दादा की तरह बुनकर था। उसके हाथ रंगों और रेशम के धागों से जादू कर देते थे। structural unemployment in hindi

बाबूराम अक्सर कहता, "हुनर मरता नहीं, बस थोड़ा सा नया रूप ले लेता है। बस उसे पहचानना आता होना चाहिए।" "हुनर मरता नहीं

कंपनी वालों ने कहा, "हमें तो ऑपरेटर चाहिए। जो बटन दबा सके, स्क्रीन पढ़ सके। तुम्हारा हुनर हमारे काम का नहीं।" structural unemployment in hindi

लेकिन बाजार ने आत्मा की कीमत नहीं चुकाई। उसने मशीन से बना सस्ता कपड़ा खरीदना शुरू कर दिया। एक-एक करके सारी दुकानें बंद हुईं। करघे बेचे गए। बाबूराम ने हाथ बढ़ाकर कहा, "मुझे काम दो। मैं बुन सकता हूँ।"